Uttarakhand News : उत्तराखंड में जंगलों की आग हर साल तांडव मचाती है। लाखों की वन संपदा हर साल जंगलों की आग के कारण स्वाहा हो जाती है। इसके साथ ही कई जानवर और इसानों की भी इस से मौत हो जाती है। लेकिन अब उत्तराखंड में इसे लेकर बड़ा कदम उठाया गया है। प्रदेश में अब जंगलों की आग को आपदा घोषित किया जाएगा।
उत्तराखंड में अब जंगलों की आग आपदा होगी घोषित
उत्तराखंड में फायर सीजन की शुरूआत हो गई है। कई स्थानों पर जंगलों के धधकने की खबरें भी सामने आ रही हैं। जिसे लेकर वन मंत्री सुबोध उनियाल ने कहना है कि इस साल फायर सीजन को लेकर तैयारी पूरी है। प्रदेश में अब जंगलों की आग को आपदा घोषित किया जा सकेगा।
हर जिले में तैनात किए जाएंगे नोडल अधिकारी
वन मंत्री सुबोध उनियाल ने बताया कि जंगलों की आग से निपटने के लिए हर जिले में नोडल अधिकारी तैनात किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हर जिले में पीसीसीएफ रैंक के अधिकारी को नोडल अफसर बनाकर भेजा जा रहा है। इसके साथ ही वनकर्मियों के लिए भी आग बुझाने के बेहतर उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं। इसके साथ ही फायर वॉचरों के लिए दस लाख तक के बीमे की भी व्यवस्था की गई है।

जिलाधिकारी के नेतृत्व में बनाई गई है जिला आपदा समिति
प्रदेश में इस बार पहली बार जंगलों में लगने वाली आग को औपचारिक रूप से आपदा की श्रेणी में शामिल किया गया है। इसके तहत जिलाधिकारी की अगुवाई में जिला आपदा प्रबंधन समिति का गठन किया गया है। जिन क्षेत्रों में आग लगने की आशंका अधिक रहती है, वहां ग्राम प्रधानों के नेतृत्व में फॉरेस्ट फायर कमेटियां बनाई गई हैं।
इसके साथ ही राजस्व विभाग, वन विभाग, महिला मंगल दल और युवक मंगल दल को आग पर काबू पाने के लिए सक्रिय रूप से जोड़ा गया है। जंगलों की आग बुझाने में बेहतर प्रदर्शन करने वाली टीमों को प्रोत्साहित करने के लिए इनाम की भी व्यवस्था की गई है। उत्कृष्ट कार्य करने वाले दलों को एक लाख, 75 हजार और 51 हजार रुपये तक की नकद राशि दी जाएगी।

