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गणतंत्र दिवस परेड़ में कर्तव्य पथ पर नहीं दिखेगी उत्तराखंड की झांकी, रोस्टर के चलते हुआ फैसला

Republic Day Parade: गणतंत्र दिवस पर कर्तव्य पथ पर नहीं मिली उत्तराखंड की झांकी को जगह,

Republic Day Parade: उत्तराखंड की गणतंत्र दिवस झांकी ने बीते वर्षों में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई है। वर्ष 2023 में मानसखंड झांकी ने देशभर के राज्यों को पीछे छोड़ते हुए पहला स्थान प्राप्त किया था, जबकि 2021 में केदारखंड झांकी और 2025 में सांस्कृतिक विरासत एवं साहसिक खेल आधारित झांकी को तीसरा स्थान प्राप्त हुआ। ऐसे में इस वर्ष भी राज्य को उम्मीद थी कि 26 जनवरी को कर्तव्य पथ पर देवभूमि की लोक कला और संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी। लेकिन, इस बार परिस्थितियां कुछ अलग रहीं और राज्यवासियों को थोड़ी निराशा का सामना करना पड़ा।

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इस वर्ष गणतंत्र दिवस परेड में शामिल नहीं होगी उत्तराखंड की झांकी

दरअसल, रक्षा मंत्रालय की ओर से इस वर्ष गणतंत्र दिवस झांकियों के चयन में रोस्टर सिस्टम लागू किया गया है। इसका उद्देश्य ये सुनिश्चित करना है कि सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को समान मौका मिल सके। पिछले कुछ वर्षों में कई राज्यों को झांकी प्रदर्शित करने का मौका नहीं मिल पाया था, जिसे देखते हुए ये व्यवस्था लागू की गई। इसी कड़ी में इस बार उत्तराखंड को कर्तव्य पथ पर स्थान नहीं मिल सका, जबकि राज्य की ओर से झांकी को लेकर पूरी तैयारी कर ली गई थी।

भारत पर्व में मिलेगा उत्तराखंड को मंच

लेकिन, कर्तव्य पथ पर जगह न मिलने के बावजूद उत्तराखंड की झांकी पूरी तरह से दर्शकों से दूर नहीं रहेगी। इसके बदले राज्य को लाल किले पर आयोजित होने वाले भारत पर्व में अपनी झांकी प्रदर्शित करने का अवसर मिला है। इस झांकी का विषय “आत्मनिर्भर उत्तराखंड” रखा गया है, जिसमें कुमाऊं क्षेत्र के अल्मोड़ा जिले में मौजूद पारंपरिक तांबा उद्योग को दर्शाया गया है। इस माध्यम से उत्तराखंड की लोक कला, हस्तशिल्प और आत्मनिर्भरता की सोच को देश-दुनिया के सामने प्रस्तुत किया जाएगा।

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26 से 31 जनवरी तक होगा भारत पर्व का आयोजन

राज्य सूचना विभाग के संयुक्त निदेशक केएस चौहान के मुताबिक, इस वर्ष भारत पर्व का आयोजन 26 से 31 जनवरी तक लाल किले में किया जाएगा। सभी चयनित राज्यों की झांकियां 26 जनवरी को लाल किले पर पहुंच जाएंगी, जिसके बाद इन्हें चरणबद्ध तरीके से प्रदर्शित किया जाएगा। गौरतलब है कि भारत पर्व में बड़ी संख्या में देश-विदेश के पर्यटक और दर्शक शामिल होते हैं, जिससे उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत को व्यापक मंच मिलने की संभावना है।

झांकियों का गौरवशाली इतिहास और उपलब्धियां

अब तक उत्तराखंड गणतंत्र दिवस पर 15 बार और भारत पर्व में एक बार अपनी झांकी प्रस्तुत कर चुका है। फूलदेई, नंदा राजजात, फूलों की घाटी, केदारनाथ, रम्माण, मानसखंड और विकसित उत्तराखंड जैसी झांकियां राज्य की सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक रही हैं। वर्ष 2023 में पहला और 2021 व 2025 में तीसरा स्थान हासिल कर उत्तराखंड ने राष्ट्रीय मंच पर अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई है। ऐसे में भले ही इस बार कर्तव्य पथ पर झांकी न दिखे, लेकिन भारत पर्व के जरिए देवभूमि की सांस्कृतिक चमक एक बार फिर लाल किले से देशभर में बिखरेगी

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