• देश-विदेश
  • उत्तराखंड
    • देहरादून
    • हरिद्वार
    • टिहरी
    • पौड़ी
    • रुद्रप्रयाग
    • उत्तरकाशी
    • चम्पावत
    • नैनीताल
    • उधमसिंह नगर
    • चमोली
    • अल्मोड़ा
    • राजनीति
    • बागेश्वर
  • स्वास्थ्य
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • संपादकीय
  • पर्यटन
Satta Samvad
live
  • देश-विदेश
  • उत्तराखंड
    • देहरादून
    • हरिद्वार
    • टिहरी
    • पौड़ी
    • रुद्रप्रयाग
    • उत्तरकाशी
    • चम्पावत
    • नैनीताल
    • उधमसिंह नगर
    • चमोली
    • अल्मोड़ा
    • राजनीति
    • बागेश्वर
  • स्वास्थ्य
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • संपादकीय
  • पर्यटन
No Result
View All Result
  • देश-विदेश
  • उत्तराखंड
    • देहरादून
    • हरिद्वार
    • टिहरी
    • पौड़ी
    • रुद्रप्रयाग
    • उत्तरकाशी
    • चम्पावत
    • नैनीताल
    • उधमसिंह नगर
    • चमोली
    • अल्मोड़ा
    • राजनीति
    • बागेश्वर
  • स्वास्थ्य
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • संपादकीय
  • पर्यटन
No Result
View All Result
Satta Samvad
TV
  • देश-विदेश
  • उत्तराखंड
  • स्वास्थ्य
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • संपादकीय
  • पर्यटन
Home नेशनल न्यूज़ डायरी

ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे: 750 करोड़ की लागत से ट्रैक बिछाने का कार्य शुरू, 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य

SattaSamvad by SattaSamvad
April 8, 2025
in नेशनल न्यूज़ डायरी
0
491
SHARES
1.4k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

125 किलोमीटर लंबे ट्रैक का सर्वे शुरू

ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे परियोजना को लेकर एक महत्वपूर्ण प्रगति सामने आई है। इस परियोजना के अंतर्गत ट्रैक बिछाने का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। भारतीय रेलवे की सहायक कंपनी इरकॉन इंटरनेशनल ने ट्रैक बिछाने के लिए सर्वे कार्य शुरू कर दिया है। यह परियोजना लगभग 125 किलोमीटर लंबी है और इसकी अनुमानित लागत 750 करोड़ रुपये बताई जा रही है। वर्ष 2027 तक ट्रैक बिछाने का काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

सुरंगों का निर्माण और ब्रेकथ्रू कार्य

इस महत्त्वाकांक्षी रेल परियोजना में 16 प्रमुख और सहायक सुरंगों का निर्माण हो रहा है, जिनकी कुल लंबाई 213 किलोमीटर है। अब तक इनमें से 193 किलोमीटर सुरंग बनकर तैयार हो चुकी है। खास बात यह है कि मुख्य सुरंगों की कुल लंबाई 125 किलोमीटर है, जिसमें से 93 किलोमीटर सुरंग पूरी हो चुकी है। इन सुरंगों में कुल 46 ब्रेकथ्रू किए जाने हैं, जिनमें से 35 ब्रेकथ्रू पहले ही पूरे किए जा चुके हैं। शेष 11 ब्रेकथ्रू वर्ष 2026 के अंत तक पूरे करने का लक्ष्य रखा गया है।

बेलासलेस ट्रैक का इस्तेमाल

परियोजना के तहत जो ट्रैक सुरंगों में बिछाया जाएगा, वह बेलासलेस यानी बिना गिट्टी वाला ट्रैक होगा। यह तकनीक विशेष रूप से सुरंगों के अंदर उपयोग की जाती है जिससे ट्रैक का रखरखाव आसान होता है और यात्रा अधिक सुरक्षित बनती है। इस परियोजना में कुल 105 किलोमीटर ट्रैक सुरंगों के अंदर जाएगा, इसलिए बेलासलेस ट्रैक की तकनीक को अपनाया गया है।

19 पुलों में से कई पूर्ण, शेष निर्माणाधीन

रेलवे परियोजना में कुल 19 पुलों का निर्माण प्रस्तावित है। इनमें से चंद्रभागा, शिवपुरी, गूलर, ब्यासी, कोड़ियाला, पौड़ी नाला, लक्ष्मोली और श्रीनगर पुलों का निर्माण पहले ही पूरा किया जा चुका है। बाकी 11 पुलों का निर्माण कार्य भी तेजी से चल रहा है और इनमें से अधिकांश का 60 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। सभी पुलों का कार्य 2026 के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

83 किलोमीटर सुरंगों में अंतिम लाइनिंग पूरी

अधिकारियों के अनुसार लगभग 83 किलोमीटर सुरंगों में अंतिम लाइनिंग का काम पूरा हो चुका है। यह वह प्रक्रिया होती है जिसमें सुरंगों की छत और दीवारों की मजबूती और सौंदर्यीकरण किया जाता है। जिन सुरंगों में यह कार्य पूरा हो गया है, उनमें ट्रैक बिछाने का सर्वे भी शुरू कर दिया गया है।

स्टेशनों का निर्माण भी जोरों पर

इस परियोजना के तहत कुल 13 रेलवे स्टेशनों का निर्माण प्रस्तावित है। इनमें से वीरभद्र और योगनगरी ऋषिकेश स्टेशन पहले ही 2020 में बनकर तैयार हो चुके हैं। शिवपुरी और ब्यासी रेलवे स्टेशनों के लिए निविदा प्रक्रिया पूरी कर ली गई है और इनका निर्माण 61 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है।

बाकी नौ स्टेशनों के लिए तीन अलग-अलग निविदाएं जारी की जाएंगी। पहली निविदा देवप्रयाग, जनासू, मलेथा और श्रीनगर स्टेशनों के लिए होगी। दूसरी निविदा धारीदेवी, घोलतीर, तिलड़ी और गौचर स्टेशनों के लिए जारी की जाएगी। तीसरी निविदा कर्णप्रयाग स्टेशन के लिए होगी, जो इस परियोजना का सबसे बड़ा स्टेशन होगा। सभी नौ स्टेशनों के निर्माण पर कुल 550 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

राज्य के लिए आर्थिक और सामाजिक लाभ

यह रेलवे परियोजना उत्तराखंड के लिए एक बड़ी सौगात मानी जा रही है। इससे न केवल स्थानीय लोगों को बेहतर आवागमन की सुविधा मिलेगी, बल्कि पर्यटकों के लिए भी चारधाम यात्रा सुगम हो जाएगी। कर्णप्रयाग तक सीधी ट्रेन सेवा होने से ऋषिकेश से पहाड़ी क्षेत्रों तक का सफर बेहद आसान और सस्ता हो जाएगा।

पर्यावरण के प्रति भी सजगता

रेलवे विभाग और इरकॉन इंटरनेशनल द्वारा परियोजना को पर्यावरण संतुलन के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। निर्माण कार्य में आधुनिक तकनीकों का प्रयोग किया जा रहा है जिससे प्रकृति को न्यूनतम क्षति पहुंचे।

ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे परियोजना एक मील का पत्थर साबित होने जा रही है। न केवल यह परियोजना उत्तराखंड के विकास को नई दिशा देगी बल्कि राज्य की भौगोलिक चुनौतियों को भी मात दे रही है। सुरंगों, पुलों और स्टेशनों के निर्माण में हो रही प्रगति इस बात का संकेत है कि 2027 तक यह सपना साकार हो सकता है।

About Author

SattaSamvad

See author's posts

  • Trending
  • Comments
  • Latest
Helicopter Crash: गंगोत्री जा रहा हेलीकॉप्टर हादसे का शिकार, 6 की मौत एक गंभीर घायल।

Helicopter Crash: गंगोत्री जा रहा हेलीकॉप्टर हादसे का शिकार, 6 की मौत एक गंभीर घायल।

May 8, 2025
केदारनाथ में एम्स हॉस्पिटल की हेली एंबुलेंस दुर्घटनाग्रस्त, पायलट की सूझबूझ से बची दो डॉक्टरों की जान

केदारनाथ में एम्स हॉस्पिटल की हेली एंबुलेंस दुर्घटनाग्रस्त, पायलट की सूझबूझ से बची दो डॉक्टरों की जान

May 17, 2025
राष्ट्रीय खेलों में पदक जीतने वाले उत्तराखंड के खिलाड़ियों को जल्द मिलेगी इनाम राशि, शासन ने जारी किए 15 करोड़ रुपये

राष्ट्रीय खेलों में पदक जीतने वाले उत्तराखंड के खिलाड़ियों को जल्द मिलेगी इनाम राशि, शासन ने जारी किए 15 करोड़ रुपये

May 20, 2025
घोटाला: CBI ने पांच आरोपियों के खिलाफ दाखिल की चार्जशीट, जानिए क्या है पूरा मामला

घोटाला: CBI ने पांच आरोपियों के खिलाफ दाखिल की चार्जशीट, जानिए क्या है पूरा मामला

1
चकराता में टिंबर माफियाओं का सरगना कौन ? 3000 देवदार के पेड़ों का अवैध कटान !

चकराता में टिंबर माफियाओं का सरगना कौन ? 3000 देवदार के पेड़ों का अवैध कटान !

0
SDRF ने किया महिला का शव बरामद, पुलिस छानबीन में जुटी।

SDRF ने किया महिला का शव बरामद, पुलिस छानबीन में जुटी।

0
चंद्रबनी भूमि विवाद: दो परिवारों ने अपनी-अपनी संपत्तियों को बताया अलग, प्रशासनिक कार्रवाई पर उठाए सवाल

चंद्रबनी भूमि विवाद: दो परिवारों ने अपनी-अपनी संपत्तियों को बताया अलग, प्रशासनिक कार्रवाई पर उठाए सवाल

June 22, 2026
वरिष्ठ पत्रकार हेम भट्ट की गिरफ्तारी पर पत्रकारों में आक्रोश, सीएम को सौंपा ज्ञापन, निष्पक्ष जांच की मांग

वरिष्ठ पत्रकार हेम भट्ट की गिरफ्तारी पर पत्रकारों में आक्रोश, सीएम को सौंपा ज्ञापन, निष्पक्ष जांच की मांग

May 26, 2026
वन डिस्ट्रिक्ट वन स्पोर्ट नीति तय, 13 जिलों के लिए 1-1 खेल का चयन

वन डिस्ट्रिक्ट वन स्पोर्ट नीति तय, 13 जिलों के लिए 1-1 खेल का चयन

May 14, 2026
Free website hits
  • About
  • Advertise
  • Privacy & Policy
  • Contact

© 2026 JNews - Premium WordPress news & magazine theme by Jegtheme.

No Result
View All Result
  • Home

© 2026 JNews - Premium WordPress news & magazine theme by Jegtheme.