समीक्षा बैठकों में होगी विभागों की जवाबदेही तय
देहरादून: चुनावी वर्ष के मद्देनज़र उत्तराखंड सरकार अब मुख्यमंत्री घोषणाओं को तेजी से धरातल पर उतारने में जुट गई है। पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में लंबित योजनाओं की समीक्षा का दौर शुरू हो चुका है, जिसमें खासतौर पर उन 36.3% घोषणाओं पर फोकस किया जा रहा है जो अब तक पूरी नहीं हो सकी हैं।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक जुलाई 2021 से 9 अप्रैल 2026 तक मुख्यमंत्री द्वारा कुल 3980 घोषणाएं की गई। इनमें से 2535 (64%) घोषणाओं के शासनादेश जारी हो चुके हैं, जबकि 982 योजनाओं पर कार्य प्रगति पर है। इसके अलावा 399 घोषणाएं अभी भी अधूरी हैं और 64 आंशिक रूप से पूरी हुई हैं।

समीक्षा बैठकों से तेज होगी रफ्तार
मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को अधूरी घोषणाओं को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए नियमित समीक्षा बैठकों का आयोजन किया जा रहा है और विधानसभा स्तर पर अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जा रही है।
टॉप परफॉर्मर विभाग, PWD सबसे आगे
घोषणाओं को अमलीजामा पहनाने में लोक निर्माण विभाग (PWD) का प्रदर्शन सबसे बेहतर रहा है।
- PWD: 816 में से 679 घोषणाओं पर शासनादेश (83%)
- समाज कल्याण विभाग: 93 में से 70 (75%)
- संस्कृति विभाग: 114 में से 84 (73%)
- शहरी विकास विभाग: 303 में से 220 (72%)
- ग्रामीण निर्माण विभाग: 46 में से 33 (71%)
- उच्च शिक्षा विभाग: 91 में से 64 (70%)
- सिंचाई विभाग: 412 में से 266 (64%)
इन विभागों में घोषणाओं की प्रगति धीमी
कुछ विभाग अभी भी लक्ष्य से काफी पीछे हैं, जहां 50% से कम घोषणाओं पर ही शासनादेश जारी हुए हैं।
- सहकारिता विभाग: 25%
- युवा कल्याण विभाग: 29%
- पर्यटन विभाग: 38%
- चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग: 44%
- आईटी विभाग: केवल 6%
विभागवार रिपोर्ट कार्ड
- विद्यालयी शिक्षा: 173 में से 106 (61%)
- समाज कल्याण: 75% लक्ष्य हासिल
- ऊर्जा विभाग: 50 में से 30 (60%)
- पेयजल विभाग: 163 में से 97 (59%)
- महिला सशक्तिकरण: 19 में से 14 (73%)
100% लक्ष्य हासिल करने वाले विभाग
मुख्यमंत्री राहत कोष और सूक्ष्म/लघु उद्योग विभाग ने अपनी सभी घोषणाओं पर शासनादेश जारी कर दिए हैं, जो अन्य विभागों के लिए उदाहरण बने।
शून्य प्रगति वाले विभाग भी शामिल
जलागम विकास विभाग की 2 घोषणाओं में से एक पर भी अभी तक शासनादेश जारी नहीं हो पाया है, जो विभाग की सुस्ती को दर्शाता है।
चुनाव वर्ष में पूरा करने का लक्ष्य
सरकार अब चुनाव से पहले अधिकतम घोषणाओं को पूरा करने की रणनीति पर काम कर रही है। अधिकारियों की जवाबदेही तय होने और लगातार मॉनिटरिंग से आने वाले महीनों में योजनाओं के तेजी से पूरा होने की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि मुख्यमंत्री द्वारा की गई सभी घोषणा पूरी हो पाती है या नहीं यह भविष्य के गर्भ में है।











