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अच्छी खबर : ऋषिकेश में अब जाम के झाम से मिलेगी मुक्ति, ऋषिकेश बाईपास 4-लेन को मिली मंजूरी

Rishikesh News : ऋषिकेश में जल्द ही जाम के झाम से राहत मिलने वाली है। ऋषिकेश बाईपास के 4-लेन निर्माण कार्य को भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय से स्वीकृति मिल गई है।

ऋषिकेश में अब जाम के झाम से मिलेगी मुक्ति

ऋषिकेश में अब जाम के झाम से लोगों को छुटकारा मिलने जा रहा है। केंद्र से ऋषिकेश बाईपास 4-लेन को मंजूरी मिल गई है। मंत्रालय द्वारा इस महत्वपूर्ण परियोजना के लिए ₹1105.79 करोड़ की तकनीकी, प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति जारी की गई है।

भट्टोवाला और ढालवाला गांवों से गुजरेगा बाईपास

बता दें कि ये बहुप्रतीक्षित परियोजना राष्ट्रीय राजमार्ग-7 पर टीनपानी फ्लाईओवर (किमी 529.750) से लेकर खरासोटे पुल (किमी 542.420) तक विकसित की जाएगी। लगभग 12.670 किलोमीटर लंबा ये बाईपास भट्टोवाला और ढालवाला गांवों से होकर गुजरेगा और इसे EPC (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एवं कंस्ट्रक्शन) मोड पर क्रियान्वित किया जाएगा।

सरकार सड़क कनेक्टिविटी को सुदृढ़ बनाने के लिए प्रयासरत

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस स्वीकृति पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में सड़क कनेक्टिविटी को सुदृढ़ बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि ऋषिकेश बाईपास परियोजना के पूर्ण होने से क्षेत्र में यातायात का दबाव कम होगा, जाम की समस्या से राहत मिलेगी और स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ चारधाम यात्रा एवं पर्यटन गतिविधियों को भी बड़ी सुविधा प्राप्त होगी।

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मुख्यमंत्री ने कहा, “ ये परियोजना उत्तराखंड के समग्र विकास और बेहतर कनेक्टिविटी की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। हमारी सरकार राज्य के दूरस्थ और शहरी क्षेत्रों को मजबूत सड़क नेटवर्क से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है।”

केंद्र ने 1105.79 करोड़ रुपए की दी स्वीकृति

मंत्रालय के अनुसार, इस परियोजना के लिए प्रारंभिक अनुमान ₹1151.18 करोड़ था, जिसे संशोधित कर ₹1139.40 करोड़ किया गया और अंततः ₹1105.79 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की गई है। परियोजना को तीन वर्षों की समयावधि में पूरा किया जाएगा और कार्य में किसी प्रकार की लागत या समय वृद्धि स्वीकार नहीं की जाएगी।

निविदाएं ई-टेंडरिंग प्रक्रिया के माध्यम से आमंत्रित की जाएंगी तथा सभी कार्य निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप किए जाएंगे। इस परियोजना के लिए व्यय वित्त वर्ष 2025-26 में भारत सरकार के बजट प्रावधान (GBS) के अंतर्गत किया जाएगा। देहरादून स्थित क्षेत्रीय अधिकारी को इस कार्य के लिए ड्रॉइंग एवं डिस्बर्सिंग ऑफिसर (DDO) नामित किया गया है।

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