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आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 जारी, 4 साल में डेढ़ गुना बढ़ी GSDP, कई सेक्टर में रिकॉर्ड प्रगति

Uttarakhand Economic Survey : आगामी बजट की तैयारी के बीच उत्तराखंड सरकार ने इस वर्ष आर्थिक सर्वेक्षण को अधिक पेशेवर और व्यापक बनाने के लिए नई पहल की है।

नियोजन विभाग द्वारा हर साल कराए जाने वाले आर्थिक सर्वेक्षण को इस बार बाहरी विशेषज्ञ संस्था के सहयोग से तैयार किया गया है, ताकि राज्य की आर्थिक प्रगति का अधिक सटीक आकलन किया जा सके और बजट निर्माण के लिए स्पष्ट दिशा मिल सके।

उत्तराखंड आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 जारी

राज्य की प्रमुख सचिव डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम ने प्रेस वार्ता में बताया कि आर्थिक सर्वेक्षण किसी भी वित्तीय वर्ष में विभिन्न क्षेत्रों में हुई प्रगति का समग्र आकलन प्रस्तुत करता है। इसके आधार पर सरकार यह तय करती है कि आने वाले बजट में किन क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देना है और विकास की दिशा क्या होगी।

उन्होंने कहा कि पिछले साल से आर्थिक सर्वेक्षण के प्रमुख संकेतकों को साझा करने के लिए बजट से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस की परंपरा शुरू की गई है, जैसा कि केंद्र सरकार में मुख्य आर्थिक सलाहकार द्वारा किया जाता है।

कई सेक्टर में दर्ज की गई रिकॉर्ड प्रगति

डॉ. सुंदरम ने बताया कि पहले आर्थिक सर्वेक्षण पूरी तरह विभागीय स्तर पर ही तैयार किया जाता था। जिसमें अर्थशास्त्र और सांख्यिकी विभाग की टीम काम करती थी। लेकिन इस बार गुणवत्ता और पेशेवर दृष्टिकोण को मजबूत करने के उद्देश्य से National Council of Applied Economic Research को इस प्रक्रिया में शामिल किया गया। यह संस्था भारत सरकार से संबद्ध एक प्रमुख आर्थिक शोध संगठन है।

Uttarakhand Economic Survey

उन्होंने कहा कि इस वर्ष का आर्थिक सर्वेक्षण एक संयुक्त प्रयास के रूप में तैयार किया गया है, जिसमें एनसीएईआर और राज्य के अर्थशास्त्र एवं सांख्यिकी विभाग की टीम ने मिलकर काम किया है। सर्वेक्षण में राज्य की आर्थिक स्थिति, विकास दर, विभिन्न क्षेत्रों की उपलब्धियों और चुनौतियों से जुड़े प्रमुख आंकड़े शामिल किए गए हैं।

आर्थिक सर्वेक्षण की बजट की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका

प्रमुख सचिव ने बताया कि सर्वेक्षण की प्रमुख निष्कर्षों और आंकड़ों को सार्वजनिक किया जा रहा है। जिससे सरकार की नीतियों और बजट की प्राथमिकताओं को समझने में मदद मिलेगी। ये दस्तावेज वित्त विभाग के लिए एक मार्गदर्शक की तरह काम करता है और आने वाले बजट की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

Uttarakhand Economic Survey

चार साल में डेढ़ गुना बढ़ी GSDP

  • 1. उत्तराखंड में 2022 के मुकाबले जीएसडीपी बढ़कर 2.54 लाख करोड़ से 3.81 लाख करोड़ से अधिक हो गई है।
  • 2. राज्य की प्रति व्यक्ति आय 1.94 लाख रुपये से बढ़कर करीब 2.73 लाख रुपये तक पहुंच गई है।
  • 3.उत्तराखंड में गरीबी दर 9.7% से घटकर 6.92% रह गई है।
  • 4. राज्य में MSME इकाइयों की संख्या 59 हजार से बढ़कर 79 हजार से अधिक हो गई है।
  • 5. MSME सेक्टर के विस्तार से करीब साढ़े चार लाख लोगों को रोजगार मिला है।
  • 6. उत्तराखंड में बड़े उद्योगों की संख्या 107 से बढ़कर 128 हो गई है।
  • 7. राज्य में स्टार्टअप इकोसिस्टम तेजी से बढ़ा है, 2022 के 702 स्टार्टअप अब बढ़कर करीब 1750 हो गए हैं।
  • 8. पिछले चार वर्षों में उत्तराखंड में लगभग 885 किलोमीटर नई सड़कों का निर्माण किया गया है।
  • 9. राज्य में सोलर ऊर्जा उत्पादन 439 मेगावाट से बढ़कर 1027 मेगावाट तक पहुंच गया है।
  • 10. उत्तराखंड में चावल, दूध और मछली उत्पादन में भी लगातार वृद्धि दर्ज की गई है। इसके साथ ही राज्य की जीएसडीपी में सबसे बड़ा योगदान मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर का है, जिसकी हिस्सेदारी करीब 26.02% है।

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