Uttarakhand Politics : उत्तराखंड में विधानसभा चुनावों में एक साल से भी कम का वक्त बचा है। जिसके चलते प्रदेश में राजनीतिक हलचलें तेज हो गई हैं। चुनावी मौसम के नजदीक आने के साथ ही दल बदल की राजनीति भी नजर आने लगी है।
विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक हलचलें तेज
प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आते जा रहे हैं तो वहीं राजनीतिक दल भी जोड़-तोड़ की राजनीति करने में जुट गए हैं। डोईवाला में कांग्रेस लगातार अपना कुनबा बढ़ाने की जद्दोजहद में जुटी हुई है। इसी कड़ी में कांग्रेस ने भाजपा नेत्री रीता छेत्री के साथ तमाम महिला कार्यकर्ताओं को कांग्रेस की सदस्यता दिलाई।
भाजपा नेत्री रीता छेत्री सहित कई महिलाओं ने थामा कांग्रेस का दामन
बता दें कि दो-तीन दिन पहले नगर पालिका क्षेत्र मिस्सरवाला निवासी रीता क्षेत्र के घर पर भाजपा महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष व प्रदेश अध्यक्ष के नेतृत्व में बजट प्रस्तुतीकरण का कार्यक्रम आयोजित किया गया। तो वहीं अब भाजपा नेत्री रीता छेत्री ने कांग्रेस का दामन थाम लिया।
इस दौरान उन्होंने कहा कि भाजपा शासन में ना तो महिलाओं को सम्मान मिल रहा है और ना ही सुरक्षा, लगातार बढ़ती महंगाई, महिलाओं के विरुद्ध बढ़ती हिंसक घटनाओं और अंकिता भंडारी हत्याकांड जैसे मामलों ने भाजपा का महिला विरोधी चेहरा उजागर कर दिया है और इसी से हताश और निराश होकर हमने कांग्रेस की विचारधारा से जुड़ने का मन बनाया।

भाजपा शासन में कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमराई
रीता छेत्री ने कहा कि कांग्रेस ही एकमात्र ऐसी पार्टी है जो महिलाओं को सम्मान सुरक्षा दिलाने के लिए संघर्ष कर रही है। भाजपा छोड़ कांग्रेस में शामिल हुई सभी महिलाओं को सम्मान पूर्वक कांग्रेस की सदस्यता दिलाते हुए परवादून जिला अध्यक्ष मोहित उनियाल ने कहा कि भाजपा शासन काल में महिलाओं के साथ अन्याय शोषण और अत्याचार चरम पर है।
कानून व्यवस्था भाजपा शासन काल में पूरी तरह चरमराई हुई है उन्होंने कहा कि कांग्रेस महिलाओं की आवाज को मजबूती से उठाती रही है और आगे भी महिलाओं के अधिकारों की लड़ाई कांग्रेस सड़क से लेकर सदन तक लड़ेगी।



