Chamoliउत्तराखंड

विकास के दावे हुए फेल! चमोली से सामने आया चौंकाने वाला VIDEO, बीमार को 5 KM डंडी-कंडी से ढोया

Chamoli News : उत्तराखंड में सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधआओं को लेकर सरकार चाहे लाख दावे करेष। लेकिन आए दिन प्रदेश के किसी ना किसी कोने से ऐसी तस्वीरें सामने आती हैं जो विकास के दावों की पोल खोलकर रख देती हैं। ऐसी ही वीडियो चमोली जिले से सामने आई है। जहां एक बीमार बुजुर्ग को अस्पताल पहुंचान के लिए ग्रामीओं ने पांच किलोमीटर पैदल डंडी-कंडी का सहारा लिया।

Chamoli से सामने आया विकास के दावों की पोल खोलता वीडियो

चमोली जिले से एक ऐसा वीडियो सामने आया है जो पोखरी ब्लॉक में हुए विकास कार्यों की वानगी पेश कर रहा है। मिली जानकारी के मुताबिक मामला Chamoli जिले के पोखरी ब्लॉक के सैरा मालकोटी का है। जहां सड़क न होने के कारण ग्रामीण 5 किलोमीटर पैदल चलकर डंडी-कंडी के सहारे असहाय और बीमार बुजुर्ग को कंधों पर ढोकर अस्पताल ले गए

Chamoli News

बीमार को 5 KM डंडी-कंडी से ढोया, फिर पहुंचे अस्पताल

पोखरी ब्लॉक के सैरा मालकोटी गांव में शुक्रवार को एक साठ वर्षीय व्यक्ति की तबीयत अचानक खराब हो गई। बुजुर्ग चलने में असमर्थ थे तो अस्पताल खुद जाना नामुमकिन था। ऐसे में ग्रामीणों ने डंडी-कंडी का सहारा लिया। गांव के लोग पांच किलोमीटर पैदल खड़ी चढ़ाई चढ़कर बुजुर्ग को डंडी-कंडी से सड़क तक ले गए। जिसके बाद निजी वाहन से बुजुर्ग को अस्पताल ले जाया गया।

राज्य गठन के 25 सालों तक भी नहीं पहुंच सकी सड़क

ग्रामीणों ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर किया है। जिसमें लोग अपनी समस्या बता रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है राज्य गठन के 25 साल बाद भी उनके गांव तक सड़क नहीं पहुंच पाई। सड़क तो छोड़ो जो कच्चे रास्ते हैं उनकी स्थिति इतनी खराब है कि अक्सर कई लोग हादसे का शिकार होते हैं।

Chamoli जिले से सामने आए इस वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि विषम परिस्थितियों में ग्रामीण बड़ी मुश्किल से बुजुर्ग को ले जा रहे हैं। रास्ता इतना खराब है कि कभी भी हादसा हो सकता है।

Chamoli News

सालों से सड़क की मांग नहीं हो पाई पूरी

ग्रामीणों ने रोष जताते हुए वीडियो के माध्यम से कहा है कि अक्सर गांव में जब कोई बीमार हो तो बीमार को डंडी के सहारे अस्पताल पहुंचाया जाता है। सालों से सड़क की मांग की जा रही है लेकिन सरकार हर बार अनसुना कर देती है। उनकी मांग 25 सालों में पूरी नहीं हो पाई।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button