देहरादून: टिहरी जिले की घनसाली विधानसभा क्षेत्र से पूर्व विधायक भीमलाल आर्य स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ देहरादून में अनिश्चित कालीन धरने बैठ गए हैं। उन्होंने यह धरना PMGSY के मुख्य अभियंता आर पी सिंह के कमरे के बाहर दिया हैं। जब पूर्व विधायक अपने साथियों के साथ धरने पर बैठे तब मुख्य अभियंता दफ्तर से नदारद थे, देर शाम तक भी वह अपने कार्यालय नहीं पहुंचे। पूर्व विधायक भीमलाल का आरोप है कि घनसाली विधानसभा क्षेत्र के अंर्तगत कई स्थानों पर PMGSY के तहत सड़क निर्माण कार्य हुए है। लेकिन अभी तक काश्तकारों को मुआवजा नहीं मिला है। जिसमें सिंचाई भूमि, गौशालाएं, नहर क्षतिग्रस्त हुई है। साथ ही सुरक्षा दीवार भी नहीं लगाई गई है। उन्होंने कहा कि इस बाबत कई बार मुख्य अभियंता से बातचीत हुई है और दो बार लिखित रूप में मुख्य अभियंता आरपी सिंह द्वारा उन्हें आश्वस्त किया गया लेकिन अभितक कोई कार्यवाही नहीं की गई है। उन्होंने मुख्य अभियंता पर यह भी आरोप लगाया है कि जब उनको फोन किया जाता है तब वह फोन तक नहीं उठाते। उन्होंने कहा है कि इस मांग को लेकर वह धरने से तब तक नहीं उठाएंगे जब तक काश्तकारों को मुआवजा नहीं मिल जाता।
जल्द वितरित किया जाएगा कास्तकारों का प्रतिकर
वही इस मामले में जब सत्ता संवाद ने मुख्य अभियंता आर पी सिंह की प्रतिक्रिया लेनी चाही तो उन्होंने शासन में मीटिंग होने का हवाला दिया और गेंद अधीक्षण अभियंता राजेश कुमार के पाले में डाल दी। उन्होंने कहा कि इस पूरे प्रकरण पर आप अधीक्षण अभियंता राजेश कुमार से पूछ सकते हैं। अधीक्षण अभियंता ने यह पुष्टि की है कि नवंबर माह में पूर्व विधायक इस पूरे प्रकरण को PMGSY के दफ्तर पर आए थे। बताया कि यह कार्य डिविजन स्तर का है। वहीं पर मुआवजा बनता है वहीं से वितरित भी होता है। केवल फाइल मुख्यालय पर स्वीकृति के लिए आती है। उसे भी मंजूरी मिल गई है। जिसके तहत कई लोगों को मुआवजा मिल गया है लेकिन जो लोग छुटे हुए हैं उनके संयुक्त खाते होने के चलते तकनीकी दिक्कतें आई है उनको भी जल्द मुआवजा वितरित किया जाएगा। बताया कि अधिशासी अभियंता को निरीक्षण के लिए भेजा गया था उन्होंने नहर डेमेज की पुष्टि की है, उसका प्रपोजल बन चुका है और वह सर्किल ऑफिस पहुंच गया है। इसके लिए जल्द ही धनराशि अवमुक्त कर दी जाएगी। वहीं गौशाला (छानी) को लेकर उन्होंने कहा है कि एक छानी सड़क से दूर है वह निर्माण कार्य के चलते डेमेज नहीं पाई गई, जबकि दूसरी गौशाला पर बताई जा रही है वह मौके पर नहीं मिली, कहा कि यह जांच का विषय है कि क्या सड़क बनने से पहले वहां कोई छानी थी। सुरक्षा दीवार को लेकर अधिक्षण अभियंता राजेश कुमार ने बताया कि इसके लिए जल्द ही धन राशि स्वीकृत कर दी जाएगी।
विशेषाधिकार के तहत आर पी सिंह के खिलाफ उठ चुका है विस में मामला
PMGSY के मुख्य अभियंता आर पी सिंह के खिलाफ पहले भी विधानसभा में विशेषाधिकार के तहत मामला उठ चुका है। यह मामला चकराता से वरिष्ठ कांग्रेस विधायक प्रीतम सिंह ने उठाया था। प्रकरण के तहत विधानसभा को बताया गया था कि उन्होंने उक्त अधिकारी को 100 बार से ज्यादा फोन किया लेकिन उन्होंने नहीं उठाया, आरोप यह भी था की विपक्ष के विधायकों का कार्य अधिकारी करने के लिए तैयार नहीं होते। मामले में विधानसभा अध्यक्ष ने अधिकारी को फटकार लगाई थी और आगामी में गलती न करने की हिदायत दी थी।











