देहरादून: त्रिस्तरीय पंचायतों का कार्यकाल खत्म हो रहा है। जिसको लेकर उत्तराखंड त्रिस्तरीय पंचायत संगठन ने राज्य सरकार से बड़ी मांग की है। मामले को लेकर विभागीय मंत्री सतपाल महाराज को ज्ञापन दिया गया है। यदि यह मांगे नहीं मानी गई तो इसको लेकर चरण बद्ध तरीके से आंदोलन की तिथि भी घोषित की गई है। क्या हैं संगठन की मांग? पढ़िए सत्ता संवाद की इस रिपोर्ट में।
उत्तराखंड त्रिस्तरीय पंचायती संगठन के पदाधिकारियों ने आज विभागीय मंत्री सतपाल महाराज को मांग पत्र सौंपा है। इस मांग पत्र में लिखा गया है कि पंचायतों का कार्यकाल 2 साल और बढ़ाया जाए। क्योंकि उन्हें covid के दौरान काम करने का मौका नहीं मिला। पंचायती प्रतिनिधियों का यह भी मानना है कि एक प्रदेश एक चुनाव के लिए भी यह महत्वपूर्ण होगा क्योंकि हरिद्वार में पंचायती चुनाव 2 साल बाद होते हैं यदि 12 जिलों में कार्यकाल बढ़ाया जाता है तो यह चुनाव एक साथ हो सकेंगे। प्रतिनिधियों द्वारा यह भी हवाला दिया गया है कि उत्तर प्रदेश के समय भी पंचायत का कार्यकाल बढ़ाया गया था। साथ कहा है कि झारखंड में भी covid के चलते पंचायतों का कार्यकाल बढ़ाया गया है।
वही इस मामले को लेकर पंचायती राज मंत्री सतपाल महाराज ने कहा है कि उनको यह पत्र मिला है और इस प्रस्ताव को मुख्यमंत्री को भेजा जाएगा। बताया कि इस पत्र में उन्होंने झारखंड का हवाला दिया है की झारखंड में भी पंचायत का कार्यकाल बढ़ाया गया है। उसका भी अध्ययन कराया जा रहा है अध्ययन करने के बाद इस पर निर्णय लिया जाएगा।
मांगे न माने जाने को लेकर संगठन ने सरकार को चेतावनी दी है। उत्तराखंड त्रिस्तरीय पंचायत संगठन के संयोजक जगत मार्तोलिया ने कहा है कि इसको लेकर चरणबद्ध तरीके से आंदोलन की तिथि तय की गई है। कहा कि 1 फरवरी को पूरे प्रदेश के 95 ब्लॉकों में धरना प्रदर्शन किया जाएगा। साथ ही प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को ज्ञापन भी प्रेषित किए जायेंगे। जबकि 3 फरवरी को 12 जिलों में रैली निकाली जाएगी उस दिन भी पीएम और सीएम को ज्ञापन दिया जाएगा। जबकि 6 दिसंबर को विधानसभा सत्र के दौरान विधानसभा का घेराव किया जाएगा। और 7 फरवरी को राज्य संचालन समिति की बैठक होगी जिसमें आगामी के कार्यक्रम तय किए जाएंगे।
कार्यकाल बढ़ाए जाने को लेकर पंचायती प्रतिनिधियों ने आक्रामक रुख अख्तियार करना शुरू कर दिया है, यदि उनकी यह मांगे नहीं मानी जाती हैं तो आने वाले दिनों में जनप्रतिनिधि सड़कों पर दिखाई देंगे। ऐसे में अब सरकार को निर्णय लेना है कि वह पंचायतों का कार्यकाल बढ़ाती है या नहीं? देखना दिलचस्प यह होगा कि इस मामले में सरकार क्या निर्णय लेती है।
मांग पत्र सौंपने के दौरान प्रदेश अध्यक्ष जिला पंचायत संगठन प्रदीप भट्ट, प्रदेश अध्यक्ष प्रधान संघठन भास्कर संभल, संयोजक जगत मर्तोलिया, ब्लॉक प्रमुख मोरी वचन पंवार सहित कई लोग मौजूद रहे।











