देहरादून। दून के कारगी ग्रांट में सड़क निर्माण कार्य पर विवाद बढ़ते ही जा रहा है। हरिद्वार बाईपास से सचिवालय आवास कॉलोनी तक एमडीडीए द्वारा किए जा रहे सड़क निर्माण कार्य में एक बार फिर विवाद पैदा हो गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कब्रिस्तान की भूमि पर जबरन सड़क निर्माण कराया जा रहा है जिसको लेकर कई बार मामला कोर्ट में भी चला गया है। स्थानीय लोगों की यह भी मांग है कि उच्च न्यायालय ने 1.5 हेक्टर भूमि को कब्रिस्तान सीमांकन के निर्देश दिए थे लेकिन एमडीडीए द्वारा अभी तक सीमांकन नहीं कराया गया। उनकी मांग है कि एमडीडीए पहले इसका सीमांकन करवाये उसके बाद सड़क का काम किया जाए।

स्थानीय लोगों ने कहा है कि एमडीडीए की मिली भगत के चलते ठेकेदारों के हौसले बुलंद है और वहां आए दिन बिना सीमांकन किए काम करने पहुंच जाते हैं। जब स्थानीय लोगों ने इसका विरोध किया तब दोनों पक्षों में जमकर बहस बाजी हुई। स्थानीय लोगों ने कहा कि सचिवालय समिति से आए प्रदीप पपने यहा क्यों पहुंचे हैं इस बात का जवाब वीडियो में मिलते हुए नहीं दिखाई दिया। जबकि मौके पर पटेल नगर पुलिस भी मौजूद थी। ऐसे में कारगी ग्रांट में रोड व कब्रिस्तान का मसाला कब सुलझेगा यह किसी को नहीं पता। लेकिन इतना तय है कि अगर वक्त रहते यह मामला नहीं सुलझा तो आने वाले दिनों में यह विवाद गहराता जायेगा जिससे सौहार्द पूर्व वातावरण बिगड़ सकता है।
बिना सीमांकन करवाये काम रुकवाने पहुंचे कई स्थानीय लोग मौजूद रहे जिनमें से इस्लाम, गुलिस्ता ख़ानम, इनाम, आफताब, नाज़िया, शहजादी, किश्वर,सोनू, आसिफ,सावेज, जिशान्द, तबसुल, दिलशाद, शमशाद,नफ़िज़,जाबीर आदि तमाम करगी ग्रांट मुस्लिम बस्ती के लोग मौजूद थे।











