देहरादून: हाल ही में संशोधित आबकारी नीति को कैबिनेट द्वारा दी गई मंजरी को आयुक्त ने निरस्त कर दिया है। यह निरस्ती के आदेश उसके बाद हुए हैं जब पूरे प्रदेश भर में सरकार की इस नीति का विरोध बड़े पैमाने पर हुआ है। आबकारी आयुक्त ने आदेश जारी करते हुए कहा है कि अग्रिम आदेशों तक संशोधित आबकारी नीति को रद्द किया जाता है।

क्या थी संशोधित नीति
कैबिनेट द्वारा मंजूर संशोधित नीति के तहत घर में बार का लाइसेंस देने का प्रावधान था, जिसके तहत आप घर में 50 लीटर तक शराब रख सकते थे। जबकि लाइसेंस के लिए एक साल के 12 हजार रुपए अदा करने होते थे। इस नीति के तहत देहरादून के डालनवाला स्थित एक ठेकेदार को लाइसेंस भी जारी किया गया था। अब इस नीति को रद्द कर दिया गया है।

विपक्ष बता रहा है अपनी जीत
संशोधित आबकारी नीति को रद्द करने के फैसले पर कांग्रेस अपनी जीत बता रही है। प्रदेश प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी ने कहा कि विपक्ष द्वारा इस फैसले का बड़े पैमाने पर समूचे प्रदेश भर में विरोध किया गया। जिससे सरकार की चारों तरफ किरकिरी होने लगी, सरकार ने इस नीति को विपक्ष के दबाव में बदला। साथ ही धामी सरकार को समझदार सलाहकार रखने की नसीहत भी दी है।











