देहरादून: राज्य आंदोलनकारियों को 10 फीसद क्षैतिज आरक्षण देने के लिए गठित प्रवर समिति का समय 25 सितंबर को खत्म हो रहा है। जबकि समिति रिपोर्ट ना देने की स्थिति में है। ऐसी स्थिति में प्रवर समिति के अध्यक्ष व कार्य एवं संसदीय मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने मांग की है कि समिति का कार्यकाल और बढ़ाया जाए। अग्रवाल ने बयान जारी करते हुए कहा कि समिति की अभी तक एक बैठक हो चुकी है। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष से मांग की है कि समिति का कार्यकाल बढ़ाया जाए, ताकि समिति राज्य आंदोलनकारियों के 10% क्षैतिज आरक्षण पर निर्णय ले सके। समय बढ़ने के बाद और बैठकें कर सके ताकि रिपोर्ट तैयार कर जल्द ही विधानसभा को सौंपी जा सके।
मालूम हो कि राज्य सरकार ने हाल ही में हुए मानसून सत्र के दौरान राज्य आंदोलनकारियों के लिए 10% क्षैतिज आरक्षण का बिल सदन के पटल पर रखा। बिल में खामियों को देखते हुए प्रवर समिति का गठन किया गया । जिसको 15 दिन का समय दिया गया था। 1 दिन का विशेष सत्र बुलाने की बात कही गई थी, ताकि राज्य आंदोलनकारियों के आरक्षण बिल पर चर्चा कर पास कराया जा सके। हालांकि अब समिति कब तक इस रिपोर्ट को तैयार कर विधानसभा को सौंपेगी यह स्पष्ट नहीं है।











