चमोली: उत्तराखंड सरकार के शिक्षा विभाग की असलियत उस समय सबके सामने आ गई जब चमोली जनपद में आयोजित एक सरकारी कार्यक्रम में एक शिक्षक ने शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत को मंच से ही कठघरे में खड़ा कर दिया। प्रमोशन में देरी, नियमों की अनदेखी और सरकारी तंत्र की लापरवाही जैसे मुद्दों को लेकर शिक्षक ने मंत्री को सरेआम आईना दिखा दिया, जिससे कार्यक्रम में सन्नाटा पसर गया।
कार्यक्रम के दौरान शिक्षक ने साफ शब्दों में कहा, “Take it seriously मंत्री जी, वरना लोग आपको गंभीरता से नहीं लेंगे।” इस बयान के साथ ही मंच पर बैठे अधिकारियों और मंत्री के चेहरे की रंगत बदलती दिखी।
शिक्षक ने आरोप लगाया कि वर्षों से योग्य शिक्षक प्रमोशन की राह देख रहे हैं, लेकिन न तो नियम स्पष्ट हैं और न ही प्रक्रिया पारदर्शी। उन्होंने कहा कि उन्हें किसी का डर नहीं, और वे बिना झिझक अपनी बात कहने आए हैं।
यह घटनाक्रम जहां शिक्षा मंत्री की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है, वहीं यह सरकार के उस दावे को भी कटघरे में खड़ा करता है जिसमें शिक्षा को प्राथमिकता देने की बात कही जाती है। वायरल हो रहे वीडियो में मंत्री पूरी तरह असहज नजर आ रहे हैं, और सोशल मीडिया पर लोग अब सरकार की नीयत और नीतियों पर सवाल उठा रहे हैं।
सवाल ये है कि जब शिक्षक ही मंच से सिस्टम की पोल खोल रहे हैं, तो क्या यह सरकार की शिक्षा नीति की असफलता का सबूत नहीं है?
