देहरादून: आय से अधिक संपत्ति मामले में गिरे कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी का बयान सामने आया है। मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि इसका पूरा विवरण उन्होंने मुख्यमंत्री धामी को दे दिया है और इससे उन्हें बड़ा फायदा होने वाला है।
आय से अधिक संपत्ति मामले में गणेश जोशी से जब सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि जो आरोप मुझ पर लगाते हैं, उससे मुझे बड़ा फायदा होता है। 2016 में तात्कालिक हरीश रावत सरकार में मुझे शक्तिमान घोड़ा प्रकरण में फंसाया गया। इसका फायदा यह हुआ कि मेरी बेटी राष्ट्रीय नेता बन गई। जिसमें मैं हरीश रावत का बड़ा योगदान मानता हूं। इस समय मेरी बेटी यानी नेहा जोशी अगर सड़कों पर नहीं उतरती तो उसको आज कोई नहीं पहचानता।
Covid के समय जब मैं राशन बांट रहा था उस दौरान विपक्ष के नेता यह आरोप लगा रहे थे कि ऑक्सीमीटर कहीं नहीं मिल रहे हैं आप कहां से बांट रहे हैं। गणेश जोशी आगे कहते हैं कि मैंने विपक्ष के नेताओं को कहा कि मैं चोरी करके ला रहा हूं। जिसका फायदा मुझे यह हुआ कि 2022 के विधानसभा चुनाव में मैंने पिछले चुनाव से ज्यादा वोटो से जीत हासिल की।
अब जो मुझ पर आय से अधिक संपत्ति का आरोप लग रहा है, उसमें मेरे दामाद और बेटी संपति को जोड़ा गया गया। जो मुझसे अलग रहते हैं। जबकि मेरे दामाद की अच्छी खासी सैलरी है। कहा कि यदि मुझ पर आरोप लगाते तो ठीक-ठाक लगाते। गणेश जोशी आगे अपने बयान में कहते है कि इसका विवरण उन्होंने मुख्यमंत्री को दे दिया है, जिसका उन्हें बड़ा फायदा होने वाला है।
क्या है आय से अधिक संपत्ति का मामला
कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने 2022 के विधानसभा चुनाव में जो हलफनामा दिया था, उसके मुताबिक उनकी आय से अधिक संपत्ति है। इसका खुलासा आरटीआई एक्टिविस्ट, सामाजिक कार्यकर्ता व अधिवक्ता विकेश नेगी ने किया। इसके बाद इस पूरे मामले में मंत्री गणेश जोशी गिरते नजर आए। मामले में सोशल मीडिया पर प्रदेश वासियों की भी कड़ी प्रतिक्रियाएं आई। कई यूजरों ने लिखा कि मंत्रियों की आय में दिन दुगुनी और रात चौगुनी हो रही है। जबकि प्रदेश में बेरोजगारी दर बढ़ते जा रही है। इसी तरह सैकड़ो प्रतिक्रिया सोशल मीडिया पर देखने को मिली। जिससे सरकार और संगठन की भी खूब किरकिरी हुई।
कई मामलों में विवाद में आ चुके है मंत्री गणेश जोशी
यह पहली बार नहीं है जब गणेश जोशी पर कोई आरोप लगा हो। इससे पहले भी कथित उद्यान घोटाले मामले व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजना “सैन्य धाम” के निर्माण में पसरा हुआ कथित भ्रष्टाचार या फिर किसान सम्मान निधि की बंदर बांट में भी मंत्री गणेश जोशी विवादों में रहे हैं। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि इतने विवादों के बाद अब मंत्री गणेश जोशी को कौन सा बड़ा फायदा होने वाला है?











