देहरादून: आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की मांग को लेकर विभागीय मंत्री रेखा आर्य का बयान सामने आया है। मंत्री रेखा आर्य ने सत्ता संवाद से बातचीत करते हुए कहा कि आंगनबाड़ी बहनों के लिए जितना बेहतरीन निर्णय मुख्यमंत्री धामी ने अपनी बहनों के लिए किया है। अब तक प्रदेश के नेतृत्व में ऐसा साहसिक निर्णय किसी ने नहीं लिया है। मंत्री रेखा आर्य ने कहा कि वर्तमान में आंगनबाड़ी बहनों को जो मानदेय मिल रहा है, यदि उसकी अन्य राज्यों से तुलना की जाए तो उत्तराखंड राज्य दूसरे या तीसरे स्थान पर स्टैंड करता है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि आंगनबाड़ी बहनों को जो धनराशि राज्य सरकार दे रही है, वह उसका उचित मूल्य नहीं है। कहा कि सरकार का मंतव्य क्लियर है कि जितना भी मानदेय राज्य सरकार दे रही है, वह अन्य राज्यों के मुकाबले बढ़ा कर दे रही हैं। बताया कि आंगनबाड़ी बहनों को धैर्य रखने की आवश्यकता है।
आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की क्या है मांग
25 सितंबर को प्रदेश भर की आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने लंबित मांगों को लेकर सीएम आवास का घेराव किया था। प्रदेश अध्यक्ष रेखा नेगी ने बताया कि मांगों को लेकर विभागीय मंत्री और अधिकारियों को पहले अवगत कराया गया था, लेकिन अभी तक उनकी किसी भी समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। कहा कि आंगनबाड़ी कुक्ड फूड का मेन्यू फाइव स्टार होटल जैसा है, ऐसे में दाल सब्जियों आदि की कीमतों को देखते हुए कोई भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता इतनी सक्षम नहीं है कि वह इस व्यवस्था को चला पाए। कहा कि इस कुक्ड फूड व्यवस्था के तहत इन सभी समस्याओं का हल निकालते हुए इस मेन्यू में बदलाव किया जाना चाहिए। साथ कहा कि जो आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां प्रमोशन पर जा रही है। उनके स्थान पर वहीं की सहायिका को प्रमोट किया जाए। रेखा नेगी ने कहा कि सरकार ने यदि उनकी मांगों को अनसुना किया तो आने वाले समय में उन्हें बड़ा आंदोलन करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
सरकार का मंतव्य क्या है
महिला कल्याण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य के बयान को देखा जाए तो सरकार फिलहाल आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के मानदेय बढ़ाने के मूड में नहीं है। हालांकि इतना जरूर कहा है कि आंगनबाड़ी बहनों को धैर्य रखने की जरूरत है। अब आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां कब तक धैर्य बनाए रखती हैं, यह देखना दिलचस्प होगा।











