देहरादून: पिछले साल चारधाम यात्रा में रिकॉर्डतोड़ भीड़ उमड़ी थी, जिसमें करीब 50 लाख श्रद्धालुओं ने धामों के दर्शन किए थे। यात्रा के पहले सवा महीने में ही 40-45% यात्री पहुंच गए थे, जिससे क्राउड मैनेजमेंट को लेकर गंभीर सवाल उठे थे। इन समस्याओं से सबक लेते हुए इस साल उत्तराखंड सरकार ने यात्रा व्यवस्था में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं।
पर्यटन सचिव सचिन कुर्वे ने बताया कि इस बार यात्रियों के पंजीकरण के लिए आधार आधारित OTP सिस्टम लागू किया गया है। पिछले साल केवल मोबाइल OTP से रजिस्ट्रेशन होता था, जिससे एक मोबाइल नंबर से कई रजिस्ट्रेशन हो जाते थे और दलाल सक्रिय हो जाते थे। इस बार की नई प्रणाली ने इस पर प्रभावी नियंत्रण पाया है।
इसके अलावा ऑन-कॉल रजिस्ट्रेशन की सुविधा भी शुरू की गई है, जिससे गांव और दूर-दराज के इलाकों से आने वाले श्रद्धालु भी आसानी से पंजीकरण करा सकते हैं। जो यात्री समूहों में यात्रा कर रहे हैं, वे अपने होटलों से कॉल करके पंजीकरण करा रहे हैं।
धामों में यात्रियों को स्लॉट के आधार पर टोकन दिए जा रहे हैं, जिससे जब उनका नंबर आता है, तभी उन्हें दर्शन की अनुमति मिलती है। इससे पहले वे होटल में विश्राम कर सकते हैं और अनावश्यक भीड़ से बचा जा सकता है।
पर्यटन सचिव स्वयं CCTV के माध्यम से निगरानी कर रहे हैं और जहां भी अधिक भीड़ देखी जाती है, वहां अधिकारियों को तुरंत निर्देश दिए जा रहे हैं। सचिव कुर्वे का कहना है कि इस नई व्यवस्था से इस वर्ष भीड़ प्रबंधन में काफी सुधार देखने को मिला है।










