देहरादून: उत्तराखंड में अब जीएसटी के पंजीकरण बायोमेट्रिक तरीके से होंगे राज्य कर विभाग इसी महीने के अंत तक यह व्यवस्था लागू कर देगा। विभागीय अफसरों का मानना है कि इससे फर्जी रजिस्ट्रेशन फर्जी फर्म और टैक्स चोरी पर अंकुश लग सकेगा। इसके साथ ही उत्तराखंड बायोमेट्रिक जीएसटी रजिस्ट्रेशन शुरू करने वाला देश का चौथा राज्य बन जाएगा।
दरअसल केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने संदिग्धों को जीएसटी पंजीकरण से बाहर करने के लिए बायोमेट्रिक की व्यवस्था शुरू करने के लिए कहा है। राज्य कर विभाग के अपर आयुक्त अमित गुप्ता ने बताया कि प्रदेश में अब बायोमेट्रिक आधार पर जीएसटी रजिस्ट्रेशन होगा। उन्होंने बताया कि कुछ लोग फर्जी पैन कार्ड पर जीएसटी लाइसेंस लेकर करोड़ों की तो टैक्स चोरी कर रहे थे, लेकिन अब कोई व्यवसायी रजिस्ट्रेशन के लिए आधार सत्यापन का विकल्प चुनेगा तो जीएसटी पोर्टल से रिस्क पैरामीटर के आधार पर उसे बायोमेट्रिक सत्यापन के लिए भेज दिया जाएगा। फिर अफसरों के स्थलीय निरीक्षण के बाद पंजीकरण हो सकेगा। यदि आवेदक रिस्क कैटेगरी में होगा तो बायोमेट्रिक के साथ स्थलीय निरीक्षण अनिवार्य रहेगा। विभिन्न औपचारिकताएं पूरी करने के बाद आवेदक को पंजीकृत किया जाएगा।
तीन राज्यों में है इस तरह की व्यवस्था
भारत में फिलहाल बायोमेट्रिक व्यवस्था गुजरात, पुडुचेरी और आंध्र प्रदेश में चल रही है। उत्तराखंड इसे लागू करने वाला चौथा राज्य बनेगा। अपर आयुक्त अमित गुप्ता ने बताया कि गुजरात में बायोमेट्रिक प्रक्रिया शुरू होने के बाद से फर्जी रजिस्ट्रेशन बहुत कम हो गए हैं लिहाजा पूरे देश में से लागू किया जा रहा है।
अंगुली के निशान, आंखों से पंजीकरण।
बायोमेट्रिक पंजीकरण के दौरान विभाग के सर्विस सेंटर पर रजिस्ट्रेशन करने वाले व्यक्ति के उंगलियों के निशान और आंखों के जरिए पंजीकरण कराया जाएगा।
उत्तराखंड में पंजीकरण को सर्विस सेंटर खुलेंगे।
अपर आयुक्त अमित गुप्ता ने बताया कि बायोमेट्रिक व्यवस्था के लिए राज्य कर विभाग उत्तराखंड में 22 सर्विस सेंटर खोलेगा। जहां 57 मशीन लगाई जाएंगी। देहरादून में सबसे ज्यादा पांच सेंटर खोले जाएंगे। जबकि हरिद्वार, रुद्रपुर और हल्द्वानी में चार-चार छोटे शहरों में न्यूनतम दो सेंटर खोलने की तैयारी है।
पकड़ी जा चुकी हैं कई फर्जी फर्में।
प्रदेश में पहले कई फर्जी जीएसटी फर्में पकड़ी जा चुकी हैं जिन्होंने दूसरों की पहचान पर फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट का दावा किया। फरवरी 2024 में विभाग में जून में ऐसी फर्मों से 1.6 करोड़ की जीएसटी चोरी पकड़ी थी। कंपनी ऐसे बिल का इस्तेमाल कर रही थी जो धरातल पर अस्तित्व में नहीं था। 2023 में केंद्र सरकार की खुफिया इनपुट के आधार पर उत्तराखंड में 200 जीएसटी फर्मों की भी जांच की गई थी।











