लोकप्रिय यूट्यूबर और सोशल मीडिया स्टार एल्विश यादव एक बार फिर विवादों में हैं। हाल ही में उन्होंने एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने दावा किया कि उन्हें राजस्थान पुलिस की ओर से एस्कॉर्ट सेवा दी गई थी। हालांकि, पुलिस ने इस दावे को गलत बताया और एल्विश पर झूठा प्रचार करने का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ मामला दर्ज किया है।
वीडियो से कैसे बढ़ा विवाद?
वीडियो में दिखाया गया कि एल्विश यादव अपनी कार में बैठे हुए थे और उनके आगे एक पुलिस वाहन चल रहा था। उन्होंने इसे पुलिस सुरक्षा बताते हुए वीडियो बनाया और सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया। जैसे ही यह वीडियो वायरल हुआ, जयपुर पुलिस हरकत में आई और इस दावे का खंडन किया।
पुलिस की प्रतिक्रिया
जयपुर पुलिस कमिश्नर बीजू जॉर्ज जोसफ ने स्पष्ट किया कि यह वीडियो पूरी तरह से भ्रामक है। उन्होंने कहा कि एल्विश यादव ने केवल सड़क पर चल रहे पुलिस वाहन के पीछे-पीछे अपनी कार चलाई थी और इसे सुरक्षा सुविधा बताकर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया। पुलिस ने इसे गंभीरता से लेते हुए जयपुर के साइबर थाने में मामला दर्ज किया है।
नोटिस जारी, होगी पूछताछ
इस मामले में जयपुर पुलिस ने एल्विश यादव को नोटिस भेज दिया है। उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया गया है, और इस मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पहले भी विवादों में रहे हैं एल्विश
एल्विश यादव पहले भी कई विवादों में रह चुके हैं। सोशल मीडिया पर उनके बयानों और वीडियो को लेकर कई बार बवाल मचा है। वह अक्सर अपने बयानों को लेकर ट्रोल होते रहते हैं और कई बार उन पर फेक न्यूज फैलाने के आरोप भी लगे हैं।
क्या होगा आगे?
अब देखना यह होगा कि इस मामले में आगे क्या होता है। क्या एल्विश यादव अपने बयान पर सफाई देंगे या उन्हें किसी कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा? यह तय है कि सोशल मीडिया पर झूठे प्रचार का सहारा लेने वालों पर पुलिस अब कड़ी कार्रवाई करने के मूड में है।
सोशल मीडिया पर प्रसिद्धि पाने के लिए झूठे दावे करना अब महंगा पड़ सकता है। पुलिस ने इस मामले में स्पष्ट संदेश दिया है कि झूठी खबरों और फेक प्रचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।










