देहरादून: लंबे समय से आरक्षण की मांग कर रहे राज्य आंदोलनकारियों की मुराद आखिर पूरी हो गई है। राज्यपाल ने 10 फीसद क्षैतिज आरक्षण दिए जाने संबंधित विधेयक को मंजूरी दे दी है। विधेयक को स्वीकृति मिलने के बाद आंदोलनकारियों ने भी खुशी जाहिर की है।
आंदोलनकारी शहीदों को करेंगे श्रद्धा सुमन अर्पित
आरक्षण के विधेयक को राज्यपाल की मंजूरी के बाद राज्य आंदोलनकारियों ने खुशी व्यक्त की है। प्रदेश प्रवक्ता प्रदीप कुकरेती ने कहा कि हम सभी पिछले 11 वर्षों से इस मामले को लेकर लगातार संघर्ष कर रहे थे। कहा कि रक्षाबंधन पर इस विधेयक को मंजूरी मिलना आंदोलनकारियों के परिजनों के लिए उपहार है। बताया कि इस अधिनियम के हस्ताक्षर होने से 10 हजार राज्य आंदोलनकारी परिवारों को लाभ मिलेगा। वहीं उन्होंने सरकार से यह भी मांग की है कि अब जल्द ही सभी भर्तियों के लिए शासनादेश जारी किया जाय ताकि राज्य आंदोलनकारियों को सरकारी नौकरी में इसका लाभ मिल सके। प्रदीप ने कहा की राज्य आंदोलनकारी 19 अगस्त को शाम 6:00 बजे शहीद स्मारक पहुंचेंगे। जहां शहीदों को श्रद्धा सुमन अर्पित आशीर्वाद प्राप्त कर आभार प्रकट करेंगे।
मुख्यमंत्री ने जताया राज्यपाल का आभार
राज्य आंदोलनकारियों को सरकारी सेवा में 10% आरक्षण दिए जाने के विधेयक को स्वीकृति प्रदान करने पर मुख्यमंत्री ने खुशी जाहिर की है। साथ ही राज्यपाल का आभार भी व्यक्त किया है। सीएम ने कहा कि राज्य सरकार आंदोलनकारियों के संघर्ष और बलिदान को कभी भूल नहीं सकती। राज्य आंदोलनकारी हमारे लिए सदैव सम्माननीय रहे हैं। हमारी सरकार उनकी सुविधाओं को सिर्फ प्राथमिकता देगी। कहा कि हमारी सरकार ने आंदोलनकारी व उनके सभी आश्रित पात्रों के लिए सरकारी नौकरी में 10 फीसद आरक्षण देने का निर्णय लिया था और इसका विधेयक विधानसभा से पारित कर राज्यपाल को भेजा गया था जिस पर उन्होंने अपनी सहमति प्रदान की है।
आज का दिन किसी त्योहार से कम नहीं: प्रेमचंद
संसदीय एवं कार्य मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि राज्य निर्माण के लिए आंदोलन कर अपनी भूमिका निभाने वाले अंतोलकनारियों के लिए आज का दिन किसी त्योहार से कम नहीं है। राज्य निर्माण के दौरान जो पीड़ा आंदोलनकारियों के साथ हुई है उसे वह भलीभांति जानते हैं। उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान जो बर्बरता उत्तराखंड की महिलाओं व पुरुषों के साथ तात्कालिक उत्तर प्रदेश सरकार ने की थी उसको बयां नहीं किया जा सकता।
आरक्षण के लिए बनाई गई थी प्रवर समिति
राज्य आंदोलनकारी को 10 फीसद क्षैतिज आरक्षण दिए जाने के प्रस्ताव को विधानसभा में पेश किया गया। जिसके बाद इसके लिए प्रवर समिति का गठन किया गया था। कार्य एवं संसदीय मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल की अध्यक्षता में कमेटी गठित की गई थी कमेटी ने इसको लेकर तीन बैठकें की, जिसके बाद समिति ने अपनी रिपोर्ट विधानसभा अध्यक्ष को सौंपी। विधानसभा ने इस रिपोर्ट को राज भवन भेजा इसके बाद राज्यपाल ने इसे स्वीकृति प्रदान की है।











