देहरादून: उत्तराखंड में रह रहे हैं दूसरे प्रांतों के प्रवासियों के लिए खुश खबरी है। अब वह वन नेशन वन राशन कार्ड के तहत उत्तराखंड में सस्ते गल्ले का राशन ले सकेंगे। इसके आदेश निर्गत कर दिए गए हैं। खाद्य विभाग में आयुक्त हरि चन्द सेमवाल ने कहा कि प्रदेश में सस्ते गले की करीब 9 हजार दुकानें हैं। भारत सरकार की योजना के तहत राशन विक्रेताओं को मोनेटाइजेशन किया जाना है। उसकी प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है।उन्होंने बताया कि वन नेशन वन राशन कार्ड के तहत दूसरे राज्यों के वैध कार्ड धारक उत्तराखंड में सस्ते गल्ले का राशन प्राप्त कर सकते हैं। जिसके दिशा निर्देश जारी किए जा चुके हैं।
वहीं उन्होंने कहा कि कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर प्लास्टिक चावलों को लेकर सामने आ रही है जो पूरी तरह से भ्रामक हैं। बताया कि पिछले दिनों इसकी शिकायत भी आई थी। आयुक्त ने कहा कि भारत सरकार की स्कीम के तहत जो फोर्टीफाइड राशन दिया जा रहा है, उससे लोगों को लग रहा है कि यह प्लास्टिक के चावल हैं। जबकि ऐसा नहीं है। यह फोर्टीफाइड चावल हैं।
क्या है एक देश एक राशन कार्ड
राशन कार्ड धारक किसी भी राज्य में राशन की दुकान से राशन प्राप्त कर सकते हैं। राशन कार्ड को आधार कार्ड से जोड़ा जाता है। इसके साथ ही राशन कार्ड धारक को अपने परिवार के सदस्यों की जानकारी देनी होती है। यह पूरी तरह से डिजिटल प्रणाली है।
क्या है फोर्टीफाइड राशन
फोर्टीफाइड राशन वे खाद्य पदार्थ हैं जिसमें विटामिन और मिनरल जैसे पोषक तत्वों को जानबूझकर मिलाया जाता है। ताकि लोगों को पर्याप्त पोषण मिल सके। फोर्टीफाइड राशन में आमतौर पर खून में हीमोग्लोबिन की मात्रा बढ़ाने के लिए आयरन मिलाया जाता है, साथ ही गर्भवती महिलाओं में जन्म दोष रोकने के लिए फोलिक एसिड मिलाया जाता है। हड्डियों के विकास और मजबूती के लिए लिए विटामिन डी राशन में मिलाई जाती है। इसके साथ ही लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण और तंत्रिका तंत्र के लिए विटामिन बी12 मिलाई जाती है। प्रतीक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने के लिए जिंक मिलाया जाता है। इससे चावलों का भार हल्का हो जाता है और वह दूसरे चावल से बिल्कुल अलग दिखता है। यही कारण है कि वह पानी के ऊपर उठ जाता है।










