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Uttrakhand forest: वनाग्नि से निपटने को राज्यभर में मॉक ड्रिल, 13 जिलों के 41 वन प्रभागों में एक साथ अभ्यास

SattaSamvad by SattaSamvad
February 18, 2026
in उत्तराखंड, देहरादून
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Uttrakhand forest: वनाग्नि से निपटने को राज्यभर में मॉक ड्रिल, 13 जिलों के 41 वन प्रभागों में एक साथ अभ्यास
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देहरादून: वनाग्नि पर नियंत्रण की तैयारियों को परखने के लिए वन विभाग ने राज्यव्यापी मॉक ड्रिल का आयोजन किया। यह मौक अभ्यास प्रदेश के सभी 13 जिलों के 41 वन प्रभागों में एक साथ किया गया। सीसीएफ वनाग्नि एवं आपदा प्रबंधन सुशांत कुमार पटनायक ने बताया कि हर साल वन विभाग के लिए वनाग्नि एक बड़ी चुनौती रहती है। ऐसे में समय रहते तैयारियों का आकलन करना बेहद जरूरी है।

कम बारिश और बर्फबारी ने बढ़ाई चिंता

उन्होंने कहा कि इस वर्ष बारिश और बर्फबारी सामान्य से कम हुई है, जिससे जंगलों में आग लगने की संभावनाएं अधिक हैं। इसी को देखते हुए विभाग ने अपनी तैयारियों को जांचने के उद्देश्य से व्यापक स्तर पर मॉक ड्रिल एक्सरसाइज की। इस अभ्यास के जरिए यह देखा गया कि आग लगने की स्थिति में विभाग किस तरह त्वरित और समन्वित कार्रवाई करता है।

कई विभागों ने लिया हिस्सा

मॉक ड्रिल में वन विभाग के साथ-साथ उत्तराखंड पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, अग्निशमन विभाग, स्वास्थ्य विभाग और राजस्व विभाग समेत कई एजेंसियों ने भाग लिया। इस दौरान आपसी समन्वय, संसाधनों की उपलब्धता और रेस्पॉन्स टाइम को भी परखा गया।

वायरलेस टेस्टिंग पर खास फोकस

सीसीएफ ने बताया कि मॉक ड्रिल के दौरान वायरलेस संचार प्रणाली की विशेष रूप से टेस्टिंग की गई। कुछ स्थानों को छोड़कर अधिकांश जगहों पर कम्युनिकेशन सिस्टम संतोषजनक पाया गया। वन पंचायत मुख्यालयों में महिला मंगल दल और युवा मंगल दल को भी अभ्यास में शामिल किया गया, ताकि स्थानीय स्तर पर भी जागरूकता और भागीदारी सुनिश्चित हो सके।

सीसीएफ फॉरेस्ट फायर व आपदा प्रबंधन सुशांत कुमार पटनायक ने बताया कि इस मॉक ड्रिल में देखा गया है कि वन विभाग वनाग्नि जैसी आपदा से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। विभाग ने दावा किया है कि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई के लिए सभी तंत्र सक्रिय और सतर्क हैं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि जो कुछ खामियां इस दौरान देखी गई है उन्हें समय रहते दुरुस्त कर लिया जाएगा।

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