देहरादून। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा आयोजित स्नातक स्तरीय प्रतियोगी परीक्षा के दौरान पुलिस और एसटीएफ ने एक बड़ी ठगी की साजिश का भंडाफोड़ किया है। परीक्षा में पास कराने के नाम पर लाखों रुपये की मांग कर रहे गिरोह के दो सदस्यों को पटेलनगर क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हाकम सिंह (42 वर्ष, निवासी मोरी, उत्तरकाशी) और पंकज गौड़ (32 वर्ष, निवासी कंडारी, उत्तरकाशी) के रूप में हुई है। ये दोनों मिलकर अभ्यर्थियों को परीक्षा में सफल कराने का झांसा दे रहे थे और इसके एवज में 12 से 15 लाख रुपये की मांग कर रहे थे।

पुलिस व एसटीएफ को दो दिन पहले इस साजिश की गुप्त सूचना मिली थी, जिसके बाद संयुक्त टीम ने सर्विलांस और खुफिया जांच के जरिये आरोपियों को ट्रैक किया। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उनका उद्देश्य अभ्यर्थियों को बहकाकर मोटी रकम ऐंठना था। यदि कोई अभ्यर्थी पास हो जाता, तो वे इस सफलता का श्रेय खुद लेकर रकम हड़प लेते और अगर कोई असफल होता, तो अगली परीक्षा में मदद करने का बहाना बनाकर उन्हें और फंसाने की योजना थी।
आरोपियों के खिलाफ उत्तराखंड प्रतियोगी परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम) अध्यादेश 2023 के तहत कोतवाली पटेलनगर में केस दर्ज किया गया है। मामले की जांच जारी है।
पुलिस प्रशासन की अपील: सभी अभ्यर्थियों से अनुरोध है कि ऐसे किसी भी झांसे में न आएं और परीक्षा में पारदर्शिता बनाये रखें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें।










