नई दिल्ली: केंद्र की मोदी सरकार ने संसद के निचले सदन, राज्य विधानसभाओं और दिल्ली विधानसभा में महिलाओं को एक तिहाई आरक्षण देने संबंधित ऐतिहासिक ‘नारीशक्ति वंदन विधेयक’ को मंगलवार को लोकसभा में पेश किया।

विधेयक में कहा गया है कि आरक्षण अगली जनगणना के प्रकाशन और उसके पश्चात परिसीमन प्रक्रिया के बाद ही प्रभावी होगा। ऐसे में 2024 चुनाव से पहले इसके लागू होने की संभावना नहीं के बराबर है। इसका एक मतलब यह भी है कि भले ही विधेयक पारित हो जाए, लेकिन 2029 में चुनाव होने तक इसे अधिनियमित नहीं किया जा सकता है।










