देहरादून: राज्य सरकार अब यह सुनिश्चित करने जा रही है कि industrial development सिर्फ मैदानों तक सीमित न रहे, बल्कि पहाड़ भी चढ़ें। सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले पांच सालों (five years) में राज्य के नौ पहाड़ी जिलों (nine hill districts) में 10,000 MSME industries (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग) शुरू किए जाएं। इन उद्योगों से लगभग दो लाख युवाओं (2 lakh youth) को रोजगार (employment) मिलेगा।
स्थानीय संसाधनों पर आधारित उद्योग
ये नए उद्योग local resources और local products पर आधारित होंगे। इससे पहाड़ों में ही रोजगार के मौके बढ़ेंगे और लोगों को शहरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा। सरकार का मानना है कि अगर पहाड़ों में ही small and medium industries को बढ़ावा दिया जाए तो self-reliance (आत्मनिर्भरता) को मजबूती मिलेगी और पहाड़ों की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
सरकार की नई योजना
हर पहाड़ी जिले में अब industrial areas बनाए जाएंगे और जरूरी infrastructure तैयार किया जाएगा ताकि उद्योग आसानी से लग सकें। अभी तक ज्यादा उद्योग मैदानों में हैं, जैसे Haridwar, Dehradun, Udham Singh Nagar और Nainital में लगभग 51,000 industries हैं, जबकि नौ पहाड़ी जिलों में सिर्फ 43,000 industries हैं।
ग्रीन उद्योगों पर जोर
वहीं सरकार अब renewable energy, herbal, aromatic plants, horticulture, floriculture, tourism और pilgrimage जैसे green industries पर फोकस कर रही है। इनसे युवाओं को घर के पास ही काम के मौके मिलेंगे साथ ही पर्यावरण भी सुरक्षित रहेगा और migration problem पर भी रोक लगेगी।
सरकार का फोकस अब पहाड़ों पर
उद्योग सचिव विनय शंकर पांडे ने बताया कि सरकार अब focus on hills कर रही है। MSME industries को बढ़ाने के लिए सभी जरूरी facilities दी जा रही हैं ताकि ज्यादा से ज्यादा निवेश (investment) पहाड़ी इलाकों की ओर आए।










