विपक्ष के बाद अब सत्ताधारी दल के अंदर से जांच की मांग
देहरादून: अंकिता भंडारी मर्डर मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। विपक्ष जहां इस मामले की CBI जांच की मांग कर रहा है, वहीं अब भारतीय जनता पार्टी के भीतर से भी न्याय की मांग खुलकर सामने आने लगी है।
अजेंद्र अजय की सोशल मीडिया पोस्ट से बढ़ी राजनीतिक सरगर्मी
बीजेपी नेता और बद्री-केदार मंदिर समिति के पूर्व अध्यक्ष अजेंद्र अजय की सोशल मीडिया पोस्ट ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। उन्होंने अंकिता भंडारी प्रकरण को गंभीर बताते हुए मामले की CBI जांच की खुली मांग की है।

लोगों के मन में शंका न रहे, इसलिए CBI जांच जरूरी
अजेंद्र अजय ने अपने बयान में लिखा कि इस प्रकरण को लेकर आम जनता के मन में किसी भी तरह की शंका नहीं रहनी चाहिए, इसलिए निष्पक्षता के लिए CBI जांच जरूरी है।
आरोपियों से नैतिकता के आधार पर इस्तीफे की मांग
उन्होंने आगे कहा कि अंकिता भंडारी मामले में आरोपों का सामना कर रहे नेताओं को पार्टी हित और नैतिकता के आधार पर अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। साथ ही यह भी कहा कि वे स्वयं आगे आकर यह घोषणा करें कि वे खुद को निर्दोष साबित करेंगे और उसके बाद ही पार्टी का पद स्वीकार करेंगे।
प्रदेश अध्यक्ष को भी दी नसीहत
अजेंद्र अजय ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट को भी नसीहत देते हुए कहा कि हर मुद्दे पर मीडिया के सामने बयानबाजी से बचना चाहिए। पार्टी का पक्ष रखने के लिए प्रवक्ताओं की व्यवस्था की गई है।

पहले भी कई नेता उठा चुके हैं CBI जांच की मांग
इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, विजय बड़थ्वाल समेत भाजपा के कई नेता इस मामले में CBI जांच की मांग कर चुके हैं। अब पार्टी के भीतर से लगातार उठ रही आवाजें इस मुद्दे को और गंभीर बना रही हैं।
वायरल ऑडियो ने बढ़ाई पार्टी की मुश्किलें
गौरतलब है कि सोशल मीडिया पर भाजपा के पूर्व विधायक सुरेश राठौड़ और उनकी कथित पत्नी उर्मिला सनावर का एक वायरल ऑडियो में जिसमें भाजपा प्रदेश प्रभारी दुष्यंत गौतम और प्रदेश संगठन महामंत्री अजय कुमार का नाम लिया गया है। इस ऑडियो ने मामले को और संवेदनशील बना दिया है।










