देहरादून। पुरोला विधानसभा के मोरी ब्लॉक से सांसद निधि के उपयोग को लेकर एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने स्थानीय लोगों से लेकर प्रशासनिक हलकों तक हलचल मचा दी है। वर्ष 2024–25 में राज्यसभा सांसद नरेश बंसल की सांसद निधि से करीब 1 करोड़ 5 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई, लेकिन इसके वितरण को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
वायरल लिस्ट के मुताबिक, स्वीकृत राशि में से लगभग 70 लाख रुपये की योजनाएं केवल दो व्यक्तियों को आवंटित की गईं। इसमें मां गुरु कृपा एसोसिएट को 40 लाख रुपये और ग्राम सौड़ निवासी चंदर सिंह को 30 लाख रुपये की निधि शामिल है। स्थानीय लोगों का दावा है कि मां गुरु कृपा एसोसिएट भजन लाल आर्य डोभाल गांव निवासी से संबंधित है। जो अभी हाल ही में EO पद से सेवा निवृत हुए हैं। जिससे मामले में संदेह और गहराता जा रहा है।

इस पूरे प्रकरण में एक और चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है। वायरल हो रही सूची में क्रम संख्या 6 पर दर्शाई गई 5 लाख रुपये की योजना के संबंध में यह स्पष्ट नहीं है कि वह योजना किस गांव में खर्च की गई। योजना का पूर्ण विवरण अस्पष्ट न होना कई सवाल खड़े करता है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सांसद को एक वर्ष में अधिकतम 5 करोड़ रुपये की सांसद निधि मिलती है, जिसका उद्देश्य क्षेत्र के समग्र विकास और जनहित के कार्यों को बढ़ावा देना होता है। ऐसे में इतनी बड़ी राशि का केवल दो व्यक्तियों तक सिमट जाना पारदर्शिता और निष्पक्षता पर प्रश्नचिह्न लगाता है।
अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या सांसद निधि का वितरण तय मानकों और जनहित को ध्यान में रखकर किया गया, या फिर इसमें पक्षपात हुआ है। मामले को लेकर लोगों में रोष है और वे इसकी निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।










