देहरादून। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट माने जाने वाले उत्तराखंड के सैन्य धाम का लोकार्पण रजत जयंती के मौके पर नहीं हो सका। लंबे समय से इस परियोजना के लोकार्पण को लेकर चर्चाएं चल रही थीं और उम्मीद जताई जा रही थी कि उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस (रजत जयंती समारोह) के अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी इसका उद्घाटन करेंगे। लेकिन प्रधानमंत्री के देहरादून दौरे के दौरान धाम का उद्घाटन नहीं हुआ, जबकि 8261 करोड़ की योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया।
सैन्य धाम की घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2021 में की थी, जिसका शिलान्यास 2022 में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किया। इसके बाद अब धाम का काम लगभग पूरा हो चुका है। धाम का उद्देश्य राज्य के वीर सैनिकों के सम्मान में एक स्मारक के रूप में विकसित करना है।
सैन्य धाम के लोकार्पण ना होने की बड़ी वजह!
हाल ही में आरटीआई कार्यकर्ता और अधिवक्ता विकेश नेगी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर आरोप लगाया था कि सैन्य धाम के निर्माण में वित्तीय अनियमितताएं और भ्रष्टाचार हुआ है। नेगी ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि लोकार्पण से पहले इस परियोजना की सीबीआई जांच कराई जाए।
सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी पिछले कई महीनों से इस परियोजना की प्रगति का निरीक्षण कर रहे थे और कई भाजपा नेताओं ने अपने बयानों में संकेत दिया था कि प्रधानमंत्री लोकार्पण करेंगे। हालांकि, अब इसके टलने के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हैं कि क्या भ्रष्टाचार के आरोपों की वजह से कार्यक्रम को स्थगित किया गया।
फिलहाल सरकार की ओर से इस विषय पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है। लेकिन सूत्रों का कहना है कि जांच की मांग और आरोपों को देखते हुए इस पर निर्णय आगे लिया जाएगा।










