देहरादून: पीआरडी स्थापना के दिन जवानों द्वारा किए गए हंगामा के बाद शासन ने नियमावली में बदलाव किया है। इस बात की जानकारी विभागीय मंत्री रेखा आर्य ने दी है।
मंत्री रेखा आर्य ने कहा है कि नियमावली में संशोधन किया गया है जिसमें रिटायर्ड व भर्ती की उम्र, कल्याण कोष के संदर्भ में, पीआरडी नई भर्ती का प्रकरण, आश्रितों की पुनर्नियुक्ति, महिलाओं को विशेष अवकाश, राष्ट्रीय अवकाश पर वेतन कटौती न हो सहित कई मसलों पर संशोधन किया गया है।
उन्होंने कहा कि जैसे यह नियमावली प्रख्यापित होगी और इसका शासनादेश जारी होगा जिसके बाद सभी के बीच यह आदेश रखा जाएगा। इस नियमावली के तहत 9300 पीआरडी के जवानों को लाभ मिलेगा।
यह थी पहले वाली पीआरडी नियमावली
जिस विभाग से जवानों की मांग की जाएगी, उनके दैनिक भत्ते का भुगतान भी संबंधित विभाग की ओर से किया जाएगा। प्रदेश के विभिन्न सरकारी विभागों में पीआरडी के लगभग छह हजार कर्मचारी कार्यरत हैं। उत्तराखंड के 9,300 पीआरडी कर्मचारियों को सभी सरकारी छुट्टियां मिलेंगी। राजभवन से उत्तराखंड संयुक्त प्रांतीय रक्षक दल अधिनियम संशोधन विधेयक को मंजूरी मिली थी। साथ ही पीआरडी में भर्ती की अधिकतम आयु सीमा भी 45 वर्ष से घटकर अब 42 वर्ष हो गई थी, जबकि सेवानिवृत्ति की आयु सीमा 50 साल से बढ़ाकर 60 वर्ष की गई थी।
पहले के संशोधन एक्ट में यह की गई थी व्यवस्था
स्वयं सेवकों को अन्य विभागों, संस्थानों में कर्तव्य पालन के लिए बुलाने पर उनके दैनिक भत्ते का भुगतान संबंधित विभाग व संस्थान करेगा। इसके लिए संबंधित विभाग व संस्थान की ओर से आवश्यक धनराशि की व्यवस्था के लिए नियमानुसार बजट में प्रावधान किया जाएगा।










