स्वास्थ्य, राजस्व, जनजातीय कल्याण से लेकर ग्रीन हाइड्रोजन नीति तक बड़े फैसले
देहरादून: बुधवार सुबह 11:00 बजे शुरू हुई मुख्यमंत्री धामी के अध्यक्षता कैबिनेट में कुल 8 महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा के बाद मंजूरी दी गई। इन फैसलों का सीधा असर स्वास्थ्य सेवाओं, भूमि व्यवस्था, उद्योग, पर्यावरण और आधारभूत ढांचे पर पड़ेगा। इसकी जानकारी अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री व सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने दी।
चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग में ऐसे कर्मचारी, जिन्होंने 5 वर्ष की सेवा पूर्ण कर ली है, वे अब आपसी सहमति के आधार पर जिलों में स्थानांतरण का लाभ ले सकेंगे।
राजस्व विभाग में आपसी समझौते से भूमि अर्जन की नई प्रणाली लागू करने को मंजूरी दी गई है। इससे भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया सरल और विवाद-मुक्त होने की संभावना है।
जनजातीय कल्याण विभाग में नए पदों के सृजन को अनुमति दी गई है। इसके साथ ही पूर्व नियमावली में संशोधन भी किया गया है, जिससे विभागीय कार्यों में गति आएगी।
भू-जल के दोहन को नियंत्रित करने के लिए नई नियमावली को मंजूरी दी गई है।व्यावसायिक उपयोग के लिए दरें तय की गई हैं। रजिस्ट्रेशन शुल्क 5,000 रुपये निर्धारित किया गया है।
राज्य सरकार ने जीआरडी उत्तराखंड विश्वविद्यालय को औपचारिक अनुमति प्रदान कर दी है, जिससे उच्च शिक्षा के क्षेत्र में विस्तार होगा।
चिन्यालीसौड़ और गोचर हवाई पट्टी को अब रक्षा मंत्रालय को हस्तांतरित किया जाएगा। इससे सामरिक और आपातकालीन व्यवस्थाओं को मजबूती मिलेगी।
उधम सिंह नगर की पराग फर्म की भूमि, जो पहले सिडकुल को दी गई थी, अब सिडकुल अपनी भूमि को सब-लीज पर दे सकेगा।
ग्रीन हाइड्रोजन के तहत बड़ा फैसला लेते हुए, हरित नीति को मंजूरी दी गई। सब्सिडी के लिए कमेटी का गठन होगा। मुख्य सचिव को कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया है।
